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कोलकाता रेप-मर्डर केस में संजय रॉय दोषी करार: सजा का ऐलान 20 जनवरी को

January 18, 2025 | by Nitesh Sharma

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LIvekhabhar | Chhattisgarh News

कोलकाता रेप-मर्डर केस : कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर के मामले में सियालदह कोर्ट ने 18 जनवरी को मुख्य आरोपी संजय रॉय को दोषी ठहराया। अदालत ने 162 दिन बाद यह फैसला सुनाया, जबकि सजा का ऐलान 20 जनवरी को होगा। CBI ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की है।

8-9 अगस्त की रात आरजी कर हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर का रेप और हत्या हुई थी। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर 10 अगस्त को संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद कोलकाता समेत पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए, जिससे बंगाल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं।

फैसले की अहम बातें

  1. फोरेंसिक रिपोर्ट बनी आधार – अदालत ने फोरेंसिक जांच के आधार पर संजय को दोषी ठहराया, क्योंकि घटनास्थल और पीड़िता की बॉडी पर उसका DNA मिला था।
  2. अधिकतम सजा फांसी हो सकती है – जस्टिस अनिर्बान दास ने कहा कि दोषी को अधिकतम सजा फांसी और न्यूनतम सजा आजीवन कारावास होगी।
  3. दोषी को बयान देने का मौका मिलेगा – संजय ने खुद को निर्दोष बताते हुए साजिश का आरोप लगाया, जिस पर जज ने कहा कि सजा सुनाने से पहले उसे अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा।

CBI जांच और आरोपी की गिरफ्तारी

हाईकोर्ट के आदेश के बाद 13 अगस्त को केस की जांच बंगाल पुलिस से लेकर CBI को सौंपी गई। CBI ने नए सिरे से जांच करते हुए संजय को गिरफ्तार किया। संजय का DNA मौके पर मिले सबूतों से मेल खाता था, और उसके शरीर पर मिली चोटों से पता चला कि पीड़िता ने संघर्ष किया था। इसके अलावा, एक टूटा हुआ ब्लूटूथ इयरफोन दोषी के फोन से जुड़ गया था, जिससे पुलिस को अहम सबूत मिला।

अन्य आरोपी और ट्रायल की स्थिति

  • संजय के अलावा मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और थाना प्रभारी अभिजीत मंडल भी आरोपी थे, लेकिन चार्जशीट समय पर दाखिल न होने के कारण उन्हें जमानत मिल गई।
  • सुप्रीम कोर्ट पूरे मामले की निगरानी कर रहा है और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए टास्क फोर्स बनाने का आदेश दिया था।

कौन है संजय रॉय?

संजय 2019 में कोलकाता पुलिस के डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप का वॉलंटियर बना। अच्छे नेटवर्क के चलते उसे आरजी कर अस्पताल में नौकरी मिल गई। जांच में सामने आया कि घटना से कुछ घंटे पहले वह दो बार रेड-लाइट एरिया गया था।

इस केस का असर पूरे देश में देखा गया, जहां डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने सुरक्षा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए। अब 20 जनवरी को सजा का ऐलान होगा, जिसमें फांसी या उम्रकैद की सजा संभावित है।

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