भारत में इंटरनेट क्रांति लाने को तैयार Starlink, IN-SPACe से मिली मंज़ूरी
July 10, 2025 | by Nitesh Sharma

एलन मस्क की कंपनी Starlink को अब आधिकारिक रूप से भारत में सैटेलाइट-बेस्ड इंटरनेट सर्विस शुरू करने की मंज़ूरी मिल गई है। भारत के अंतरिक्ष नियामक IN-SPACe (Indian National Space Promotion and Authorization Center) ने स्टारलिंक को पांच साल के लिए लाइसेंस जारी कर दिया है। स्टारलिंक 2022 से भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए लाइसेंस का इंतज़ार कर रही थी। हाल ही में कंपनी को टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) से भी जरूरी मंजूरी मिल गई है। अब केवल स्पेक्ट्रम शुल्क और अन्य नियामकीय औपचारिकताओं को अंतिम रूप देना बाकी है।
TRAI ने सुझाव दिया है कि सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों को अपनी कुल आय का 4% सरकार को लाइसेंस फीस के रूप में देना चाहिए। शहरी क्षेत्रों में यह शुल्क प्रति ग्राहक ₹500 तक हो सकता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्टारलिंक ने भारत में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए जियो और एयरटेल के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां अपने स्टोर्स में स्टारलिंक के उपकरण बेचेंगी और ग्राहकों को इंस्टॉलेशन, एक्टिवेशन और कस्टमर सपोर्ट जैसी सेवाएं प्रदान करेंगी।
इस साझेदारी से विशेष रूप से ग्रामीण, पहाड़ी और दूरदराज़ क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा, जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है। स्टारलिंक का Gen-1 नेटवर्क 4,408 सैटेलाइट्स से बना है, जो पृथ्वी की सतह से 540-570 किलोमीटर की ऊंचाई पर घूमते हैं। इससे भारत में करीब 600 Gbps की हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा मिलने की उम्मीद है।
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