CG Assembly 2023 : विधानसभा सत्र के अंतिम दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा, लखेश्वर बघेल ने उठाया किसान आत्महत्या का मुद्दा, मंत्रिमंडल विस्तार पर उमेश पटेल का तीखा प्रहार
December 21, 2023 | by livekhabar24x7.com
रायपुर। CG Assembly 2023 : छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र का आज अंतिम दिन है. अंतिम दिन नई सरकार के अनुपूरक बजट पर चर्चा की गई। साथ ही कई अन्य विषयों पर चर्चा की मांग उठी. 2023 का अनुपूरक बजट 12 हजार, 992 करोड़, 70 लाख 98 हजार का अनुपूरक बजट है. विपक्ष की ओर उमेश पटेल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए धान खरीदी की चौथी किस्त, बेरोजगारी भत्ता और कर्जा माफी करने की भी मांग की, इसके साथ ही सरकार पर दोहरा चरित्र का आरोप लगाया.
उमेश पटेल ने बिजली बिल हाफ योजना की स्थिति की भी जानकारी सरकार से मांगी, जिसपर सत्ता पक्ष के कई सदस्यों ने उन्हें टोका. टोका टाकि के बीच भाजपा के सदस्य अजय चंद्राकार, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल ने कई सवाल पूछे. जिसके बाद उमेश पटेल ने मुख्यमंत्री से कहा कि आप किसी के इशारो पर ना चले, खुद फैसला लें, मंत्रिमंडल भी खुद से बनाये.
उमेश पटेल के बयान पर धर्मजीत सिंह ने कसा तंज – उमेश भतीजे भूल गए क्या ? कांग्रेस के लोग तो छिकने के लिए भी 10 जनपद से पूछते थे, जब अनुमति मिलती थी तब छिकते थे.
अजय चंद्राकर भी चुटकी लेते हुए कहा – अभी-अभी सरकार बनी है मंत्रिमंडल बना नहीं है और अभी से सवाल उठा रहे हैं. इनका तो सवाल उठाने का नैतिक दायित्व नहीं बनता.
विपक्ष ने सदन मे बिरनपुर की घटना और रूप सिँह सलाम की बस्तर मे घटना की सी बी आई जाँच की मांग की जिसपर सत्ता पक्ष ने जवाब देते हए कहा – कुछ दिन रुकिये कई लोग जेल जायेगे.
अजय चंद्राकर ने कहा – नरवा घरवा घूरवा बारी घोंटलो का अड्डा था, दूसरे मद का दूसरे मद मे उपयोग कर पैसे की बर्बादी हुई, सी बी आई पर प्रतिबंध हटाएंगे हम, पिछले दरवाजे से आई पी एस आई ए एस बनाये गए, मूर्ति के नाम पर पैसा कोई खा सकता है तो केवल ये लोग. राम भगवान की मूर्ति मे पैसा खा गए.
सदन में किसान आत्महत्या पर चर्चा की मांग
कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने किसान आत्महत्या का मुद्दा उठाया. अजय चंद्राकर ने कहा कि स्थगन की सूचना नहीं दी गई है, व्यवस्था आनी चाहिए. भूपेश बघेल ने कहा कि विशेष परिस्थिति है. किसान ने कर्ज के बोझ से आत्महत्या की है, महत्वपूर्ण मुद्दा है. इसपर चर्चा होनी चाहिए. इस पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि नियम प्रक्रियाओं से परे सदन नहीं चल सकता. स्थगन का उल्लेख नहीं किया गया है, इसलिए चर्चा उचित नहीं.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि गरीब की दुःख सुनने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. अध्यक्ष दयालु हैं, दरियादिल हैं, उसमें किसान या आदिवासी समा सकता है, चर्चा होनी चाहिए. इस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि अभिभाषण पर चर्चा के दिन नियम के विपरीत चर्चा की मांग हो रही. भूपेश बघेल ने कहा कि सत्र आहूत होने के बीच आत्महत्या हुई है, बाद में चर्चा संभव नही है, इसे ग्राह्य करके चर्चा कराया जाए.
धरमलाल कौशिक ने चर्चा में शामिल होते हुए कहा कि अगले सत्र में नियम के तहत चर्चा हो सकती है. इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि नियम में यही है कि एक विधानसभा से दूसरे विधानसभा सत्र के मध्य जो घटना होती है, उस पर चर्चा होती है. इसे ग्राह्य किया जाए. अजय चंद्राकर ने कहा कि यह विषय आधारित सत्र है. कवासी लखमा ने कहा कि किसान आत्महत्या न करे इसलिए चर्चा आवश्यक है.
आसंदी ने व्यवस्था देते हुए कहा कि मान्य और सुव्यवस्थित परंपरा है, इसमें सदस्यों का शपथ ग्रहण होता है. स्थगन और चर्चा के मांग की पूर्व ही सूचना दी जाती है. अल्प सूचना में स्थगन ध्यानाकर्षण नहीं लिया जा सकता. आसंदी ने स्थगन सूचना को अग्राह्य किया. इसके साथ ही चर्चा नहीं कराने के विरोध में विपक्ष ने बहिर्गमन किया.
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