इंटरनेशनल डेस्क: थाईलैंड और म्यांमार में शुक्रवार को आए भीषण भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई। रिक्टर स्केल पर 7.7 तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र म्यांमार के सगाइंग (Sagaing) क्षेत्र में स्थित था। झटके थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किए गए, जिससे कई इमारतें जमींदोज हो गईं, सैकड़ों लोग बेघर हो गए और दर्जनों की जान चली गई। मौजूदा हालात को देखते हुए थाईलैंड सरकार ने इमरजेंसी लागू कर दी है।
एयरपोर्ट-ट्रांसपोर्ट सेवाएं बंद, लॉकडाउन जैसे हालात
भूकंप के कारण थाईलैंड के मुख्य एयरपोर्ट और मेट्रो सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। बैंकॉक के सुवर्णभूमि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानें रोक दी गई हैं, जिससे हजारों यात्री फंस गए हैं। राजधानी समेत अन्य प्रभावित शहरों में अफरा-तफरी का माहौल है, कई जगह संचार सेवाएं भी बाधित हो गई हैं।
गगनचुंबी इमारतें ढहीं, सड़कों पर मलबे का अंबार
थाईलैंड और म्यांमार के प्रमुख शहरों में भय और दहशत का माहौल है। कई ऊंची इमारतें और टावर धराशायी हो गए हैं। बैंकॉक में एक गगनचुंबी इमारत गिरने से कई लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लापता बताए जा रहे हैं। म्यांमार के मांडलेय क्षेत्र में प्रसिद्ध एवा ब्रिज (Ava Bridge) गिरने की खबर है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
स्टॉक मार्केट में कारोबार ठप, आर्थिक झटका
भूकंप के प्रभाव से थाईलैंड के स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange of Thailand – SET) ने कारोबार रोक दिया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने और महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्रों के प्रभावित होने से अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस आपदा से थाईलैंड को लंबे समय तक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताई चिंता, भारत से मदद का आश्वासन
इस विनाशकारी भूकंप के बाद भारत समेत कई देशों की नजरें थाईलैंड और म्यांमार पर टिकी हुई हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर चिंता व्यक्त करते हुए लिखा,
“भूकंप के बाद की स्थिति को लेकर चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। विदेश मंत्रालय को प्रभावित देशों की सरकारों के संपर्क में रहने को कहा गया है।”
बैंकॉक में तबाही के दृश्य, लोग अपनों को तलाशते नजर आए
बैंकॉक, जो अपने पर्यटन और गगनचुंबी इमारतों के लिए मशहूर है, अब तबाही का मंजर पेश कर रहा है। सड़कों पर मलबे के ढेर लगे हैं, लोग अपने परिवार और प्रियजनों की तलाश कर रहे हैं। एक विशाल टॉवर के गिरने से सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और पूरे शहर में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
राहत और बचाव कार्य जारी
सरकार और राहत एजेंसियां युद्धस्तर पर बचाव कार्य में जुटी हैं। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। सेना और स्थानीय प्रशासन राहत अभियान चला रहे हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
स्थिति गंभीर, सावधानी बरतने की अपील
विशेषज्ञों ने अफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटकों) की संभावना जताई है, जिससे स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है, और अब सभी की नजरें राहत कार्यों और पुनर्वास प्रयासों पर टिकी हैं।