Aukaat Kya Hai Tumhari : नप गए ड्राइवर से औकात पूछने वाले कलेक्टर, CM डॉ. मोहन बोले – ये गरीबों की सरकार, गरीबों से अच्छा व्यवहार करना पड़ेगा
January 3, 2024 | by livekhabar24x7.com
भोपाल। Aukaat Kya Hai Tumhari : पढ़े लिखे कलेक्टर ने बैठक के दौरान अपनी गरिमा खो दी और ड्राइवर से उसकी औकात पूछ ली। जवाब में ड्राइवर बोला यही तो लड़ाई है हमारी साहब, हमारी कोई औकात नहीं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद दबाव इतना बन गया की सरकार ने कलेक्टर किशोर कन्याल को हटाने का फैसला किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जिला प्रशासन की बैठक के दौरान एक ड्राइवर को औकात पूछने वाले शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कलेक्टर को हटा दिया है। किशोर कन्याल की जगह अब नरसिंहपुर कलेक्टर ऋजु बाफना को शाजापुर का नया कलेक्टर बनाया है।
'अधिकारियों को गरीबों के काम और भाव दोनों का सम्मान करना चाहिए'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शाजापुर में ट्रक ड्राइवरों और प्रशासन के बीच हुई बैठक के दौरान अफसरों द्वारा जिन शब्दों का उपयोग किया गया, उसकी वह निंदा करते हैं। अफसरों की गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी,… pic.twitter.com/Vov025A8Ml
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 3, 2024
सीएम ने मीडिया में बयान जारी करते हुए कहा कि ये गरीबों की सरकार है और गरीबों से अच्छा व्यवहार करना पड़ेगा, क्योंकि मैं खुद गरीब परिवार से हूं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शाजापुर में ट्रक ड्राइवरों और प्रशासन के बीच हुई बैठक के दौरान अफसरों द्वारा जिन शब्दों का उपयोग किया गया, उसकी वह निंदा करते हैं। अफसरों की गलती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनके ध्यान में लाया गया कि कल शाजापुर ट्रक ड्राइवर और जिला प्रशासन की बैठक में इस तरह की भाषा बोली गई थी। एक अधिकारी को इस तरह की भाषा बोलना उचित नहीं है।
खासकर यह सरकार तो गरीबों की सरकार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम गरीब उत्थान के लिए काम करते हैं। ऐसे में हरेक अधिकारी को चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी हो उसे गरीब के काम का भी सम्मान करना चाहिये और भाव का भी सम्मान करना चाहिये। ऐसे अधिकारी को मैदान में रहने का अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा मनुष्यता के नाते ऐसी भाषा हमारी सरकार में बर्दाश्त नहीं। मैं खुद मजदूर परिवार का बेटा हूं। इस तरह की भाषा बोलना उचित नहीं है। अधिकारी भाषा और व्यवहार का ध्यान रखें।
RELATED POSTS
View all