CG Assembly Session : सदन में गूंजा पैरादान का मुद्दा, अजय चंद्राकर के सवाल पर मंत्री ने दिया ये जवाब…
February 26, 2024 | by livekhabar24x7.com
रायपुर। CG Assembly Session : आज सदन में गौठान में हुए पैरादान परिवहन भुगतान की गड़बड़ी का मुद्दा गूंजा। अजय चंद्राकर ने प्रश्नकाल में पूछा कि पैरादान के लिए जो परिवहन भुगतान किया गया, आखिरकार उसका भुगतान किस दर से किया गया। किस वाहन से किया गया और परिवहन का दर किस आधार पर निर्धारित किया गया। साथ ही अजय चंद्राकर ने पैदादान के भुगतान के मद की भी जानकारी जानकारी मांगी।
जवाब में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि 1 जनवरी 2019 से 30 सितंबर 2023 तक विभिन्न योजना अंतर्गत गोठान समिति को 45.69 लाख क्विंटल पैरादान मिला। पैरा का परिवहन स्थानीय दर पर ट्रैक्टर और अन्य उपलब्ध वाहन से किया गया। परिवहन का दर दूरी के आधार पर तय किया गया। मंत्री ने ये भी बताया कि परिवहन का भुगतान गोधन न्याय योजना मूलभूत 14वें और 15वें वित्त आयोग के मदद से किया गया है।
अजय चंद्राकर ने पूछा- 14वें वित्त आयोग से क्या पैरे का परिवहन हो सकता है? मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने जवाब में कहा कि पैरादान से मिला था, परिवहन के लिए राशि खर्च करने का प्रावधान है। गौठान समितियों को 53 करोड़ से अधिक राशि दी गई, इससे समितियों ने खर्च किया। इसके बाद अजय चंद्राकर ने कहा- 14वें वित्त आयोग की राशि गौठान को नहीं दी जा सकती, फिर किस आधार पर वित आयोग का पैसा दिया गया। 53 करोड़ की राशि किस मद में खर्च की गई है।
मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- 14वें और 15वें वित्त आयोग से राशि दी गई और ये राशि सभी जिलों में सभी गौठानों को राशि दी गई है। अजय चंद्राकर ने कहा- वित्त आयोग की राशि से परिवहन नहीं किया जा सकता है। इसका उपयोग पंचायतों के रखरखाव के लिए किया जाना है। गोधन न्याय योजना के मद से 53 करोड़ की राशि गौठानों को दी गई है। विधायक अजय चंद्राकर ने इस मामले में जांच की मांग की। जवाब में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अधिकारियों की कमेटी से जांच कराने की घोषणा की। लेकिन, इस ऐलान से अजय चंद्राकर असंतुष्ट दिखे।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने ही पूरी गड़बड़ियां की है, ऐसे में अधिकारियों की जांच कमेटी से पूरा मामला रफा दफा हो जायेगा। लिहाजा विधायकों की कमेटी या प्रश्न एवं संदर्भ समिति से इसकी जांच होनी चाहिये। जिससे बाद मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा- मामले में अजय चंद्राकर को भ्रष्टाचार की आशंका है, इसलिए प्रश्न संदर्भ समिति से मामले की जांच कराई जाएगी।
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