All blog posts
Explore the world of design and learn how to create visually stunning artwork.
अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान: ‘नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए, क्योंकि एलजी के रहते भी दिल्ली में बदलाव लाया’
July 9, 2025 | by Nitesh Sharma
गुजरात में बड़ा हादसा: वडोदरा में महिसागर का पुल भरभराकर टूटा, नदी में गिरे वाहन; 2 की मौत
July 9, 2025 | by Nitesh Sharma
CG BREAKING: दुर्ग यूनिवर्सिटी की वेबसाइट हैक, पाकिस्तानी साइबर अटैक की आशंका
July 8, 2025 | by Nitesh Sharma
मैनपाट में भाजपा का प्रशिक्षण शिविर जारी, लोक व्यवहार और प्रबंधन पर दिया गया विशेष सत्र
July 8, 2025 | by Nitesh Sharma
दुर्ग : बारिश, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन पर संभागायुक्त की सख्त हिदायतें
July 8, 2025 | by Nitesh Sharma
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई: EOW ने 28 आबकारी अधिकारियों के खिलाफ पेश किया 2300 पन्नों का चालान
July 7, 2025 | by Nitesh Sharma
बलरामपुर में 7 साल के मासूम की मौत: सरकारी लापरवाही या सिस्टम की सच्चाई?
July 7, 2025 | by Nitesh Sharma
न्यूज पोर्टल की आड़ में ऑनलाइन सट्टा, कथित पत्रकार गिरफ्तार
July 4, 2025 | by Nitesh Sharma
छत्तीसगढ़ में बाढ़ का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी गंभीर
July 4, 2025 | by Nitesh Sharma

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर केंद्र सरकार और एलजी पर तीखा हमला बोला है। मोहाली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को आज फिर से AAP की कमी महसूस हो रही है। चार महीनों में हालात खराब हो गए हैं—मोहल्ला क्लीनिक बंद हो रहे हैं, अस्पतालों में दवाइयां और टेस्ट मुफ्त नहीं मिल रहे, सड़कें टूटी पड़ी हैं और हर तरफ गंदगी फैली है।
‘बिजली कटौती आम बात बन गई है’
केजरीवाल ने कहा कि उनके शासनकाल में सात साल तक दिल्ली में एक मिनट की भी बिजली कटौती नहीं हुई, लेकिन अब तो छह-छह घंटे तक पावर कट लग रहे हैं—even बारिश के मौसम में। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की नीयत में खोट है, मंत्री सिर्फ अपने निजी हित देख रहे हैं।
‘मुझे नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए’
केजरीवाल ने कहा कि जब हमारी सरकार को ठीक से काम करने ही नहीं दिया गया, फिर भी हमने बदलाव लाकर दिखाया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “मेरे हिसाब से मुझे गवर्नेंस और प्रशासन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए, क्योंकि एलजी के दखल के बावजूद हमने दिल्ली में सुधार किए।”
‘हमने सिस्टम की हवा बदल दी’
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने दिल्ली की बुनियादी जरूरतों—बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा—को लेकर जो वादे किए थे, उन्हें निभाया।
“हमने तय किया कि स्कूल और अस्पतालों को बेहतर करेंगे। आज जो लोग पहले निजीकरण की वकालत करते थे, वे अब भी सरकारी स्कूल और अस्पतालों की बात करने लगे हैं। हमने हवा ही उल्टी कर दी।”
पुराने दिनों की याद दिलाई
उन्होंने कहा कि 2013 से पहले दिल्ली की हालत खराब थी। लोग हजारों के बिजली बिल से परेशान थे, पानी आता नहीं था, लेकिन बिल ज़रूर आता था। उस दौर में उन्होंने बिजली आंदोलन किया, खंभों पर चढ़े, और यहां तक कि 15 दिन का अनशन भी किया। यह सब जनता की मूलभूत ज़रूरतों के लिए था।