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Surya Grahan 2024 : आज लगेगा इस साल का पहला ग्रहण, इतने बजे से होगा शुरू, जानें भारत में दिखेगा या नहीं?

April 8, 2024 | by Nitesh Sharma

Surya Grahan

LIvekhabhar | Chhattisgarh News

रायपुर। Surya Grahan 2024 : साल 2024 का पहला सूर्य ग्रहण आज (8 अप्रैल 2024) लगने जा रहा है। पंचांग के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन मीन राशि में सूर्य ग्रहण लगेगा। आज रात 9 बजकर 12 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू होगा और अगले दिन सुबह 1 बजकर 20 मिनट पर इसका समापन होगा। चैत्र माह के सूर्य ग्रहण की अवधि लगभग 4 घंटे 25 मिनट तक रहेगी।

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, करीब 50 वर्षों के बाद सबसे लंबा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। भारत में यह ग्रहण नहीं नजर आएगा। इसलिए जनमानस पर इसका ज्यादा प्रभाव भी नहीं होगा और न ही सूतक काल मान्य होगा।

आज भारतीय समय के अनुसार रात 9 बजकर 12 मिनट पर दुनिया के कई हिस्सों में सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह सूर्य ग्रहण बहुत ही खास रहने वाला होगा क्योंकि इस ग्रहण पर 54 वर्षों बाद कई दुर्लभ संयोग भी बनेगा।

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– यह सूर्य ग्रहण 50 वर्षों बाद सबसे लंबा सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण करीब 5 घंटे और 25 मिनट तक चलेगा।
– यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। 54 वर्षों बाद इस तरह का संयोग बन रहा है। इसके पहले ऐसा संयोग 1970 में बना था।
– आज जब सूर्य ग्रहण लगेगा तब इस दौरान कुछ समय के लिए पृथ्वी पर अंधेरा छा जाएगा। यानी ग्रहण में सूर्य पूरी तरह से गायब हो जाएगा। इसके चलते दिन में अंधेरा छा जाएगा।
– इस सूर्य ग्रहण के दौरान धूमकेतु तारा भी साफ नजर आएगा।
– दुनिया के जिन-जिन हिस्सों में यह सूर्य ग्रहण लगेगा वहां सौर मंडल में मौजूद शुक्र और गुरु भी देखा जा सकेगा।

भारत में दिखेगा या नहीं ?
आज लगने वाला साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में कहीं पूर्ण तो कहीं आंशिक सूर्य ग्रहण के नजारे को देखा जा सकता है। भारतीय समय के अनुसार आज रात 9 बजकर 12 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा।

क्या होता है सूर्य ग्रहण
जैसे कि हम सभी जानते हैं कि सूर्य के चारों ओर पृथ्वी चक्कर लगाती है और पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा घूमता है। जब सूर्य, पृथ्वी और चांद तीनों ही एक सीध में आ जाते हैं तो इस घटना के कारण सूर्य और चंद्र ग्रहण होता है। जब चांद पृथ्वी के चक्कर काटते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। इस दौरान सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली प्रकाश की किरणें चांद की वजह से पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती है। और चांद की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। इस घटना को ही सूर्य ग्रहण कहते हैं।

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