मात्र एक गैर जिम्मेदार प्यून के भरोसे आदिवासी बच्चो का भविष्य, जिम्मेदार रहते है अनुपस्थित, सुरक्षा का नही इंतजाम, बच्चे ठंडे पानी से नहाने को मजबूर
December 19, 2023 | by livekhabar24x7.com
झिरन्या आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में आदिवासि समाज के बच्चों को शिक्षित व सक्षम बनाने के लिए सरकार द्वारा पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा हैं। किंतु उन पैसों का सही क्रियान्वन कोन करेगा होस्टलो में हो रही अनियमितताओं देखने वाले जिम्मेदार कही नजर नहीं आते इसी कारण आए दिन झिरन्या क्षेत्र के होस्टलो के नए नए मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्राम मितावल के शासकीय सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास का है। जहां पर 9वीं से 12वीं तक के लगभग 35 नाबालिक बच्चे छात्रावास में रहते हैं किंतु उनकी सुविधा और सुरक्षा का हॉस्टल में कोई इंतजाम नही हैं।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार हॉस्टल अधीक्षक महेंद्र मंडलोई होस्टल पर उपस्थित नही रहते कभी 2/4/6 दिनों में एक बार होस्टल के चक्कर लगा लेते हैं। सिर्फ मात्र एक प्यून के भरोसे होस्टल के 35 बच्चे हैं होस्टल की बाउंड्री वॉल में सुरक्षा के लिए गेट भी नही हैं ऐसी हालत और जिम्मेदारों की अनुपस्थिति में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता हैं। अगर आदिवासी बालको के साथ कोई घटना होती हैं तो जवाबदार कोन रहेगा ।
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होस्टल के अधीक्षक द्वारा लिखित में बीईओ को बच्चो को गर्म पानी की व्यवस्था बताई गई हैं किंतु हकीकत ये है की बच्चे इतनी ठंड में भी ठंडे पानी से नहाने को मजबूर हैं। यहां तक कि पानी भी ट्यूबवेल या हैंडपंप से बच्चो को ही लाना पड़ता हे । परमिशन नही होने से होस्टल के अंदर की व्यवस्था नही देख पाए किंतु जो ग्रामीणों ने बताया उस हिसाब से होस्टल की व्यवस्थाओं की जांच अत्यंत जरूरी हैं।
Beo महेश निशोद ने कही ये बात
मैं कल हॉस्टल जाकर वहां की व्यवस्था देखता हूं हमारे सभी हॉस्टल अधीक्षकों ने हमें लिख कर दिया है की हॉस्टल में बच्चो के लिए गरम पानी की व्यवस्था कर दी गई है।
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