नई दिल्ली। Data Protection Bill 2023 : केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में डाटा प्रोटेक्शन बिल पेश किया। इस बिल को पहले ही केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। नए डाटा प्रोटेक्शन बिल से सोशल मीडिया कंपनियों की मनमानी पर लगाम लग सकेगी। यह भारत में डेटा गोपनीयता और डेटा सुरक्षा पर अपना पहला कानून बनाने के करीब एक कदम होगा। इस विधेयक के तहत, केंद्र सरकार को बोर्ड से लिखित संदर्भ प्राप्त करने पर आम जनता के हित में कंटेंट को ब्लॉक करने का अधिकार भी मिलता है।
बता दे कि नए डाटा प्रोटेक्शन बिल से सोशल मीडिया कंपनियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और उनकी मनमानी भी कम होगी। नए डाटा प्रोटेक्शन बिल 2023 के अनुसार, यूजर्स के डिजिटल डाटा का दुरुपयोग करने वाली या उनकी सुरक्षा करने में विफल रहने वाली संस्थाओं को 250 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
एआईएमआईएम चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी समेत तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय और कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन बिल, 2023 का जमकर विरोध किया। असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा कि इस बिल के सहारे सबको निगरानी में रखा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ये बिल महिला विरोधी है, क्योंकि तीन में से केवल एक महिला ही इंटरनेट का उपयोग करती है।